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नेपाल में आम चुनाव के लिए मतदान शुरू, नई सरकार चुनने के लिए 1.89 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला

नेपाल में नई सरकार चुनने के लिए 5 मार्च को आम चुनाव के तहत मतदान शुरू हो गया है। पिछले वर्ष युवाओं के बड़े आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिरने के बाद यह चुनाव कराया जा रहा है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देशभर में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलेगा। इस चुनाव में लगभग 1 करोड़ 89 लाख मतदाता 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।

275 सदस्यीय संसद के लिए चुनाव

नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सदस्य होते हैं। इनमें से 165 सदस्य सीधे मतदान के जरिए चुने जाते हैं, जबकि बाकी 110 सदस्य अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत राजनीतिक दलों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर तय किए जाते हैं।

नेपाल के कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बताया कि सीधे मतदान से चुने गए सदस्यों के परिणाम मतपेटियां एकत्र होने के 24 घंटे के भीतर घोषित किए जा सकते हैं, जबकि अनुपातिक प्रणाली के परिणाम आने में एक से दो दिन लग सकते हैं।

चुनाव मैदान में प्रमुख दावेदार

इस चुनाव में लगभग 65 राजनीतिक दल मैदान में हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख चेहरे चर्चा में हैं। इनमें काठमांडू के पूर्व महापौर और लोकप्रिय नेता बालेन्द्र शाह शामिल हैं, जिन्हें चुनाव अभियान के दौरान मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

दूसरे प्रमुख उम्मीदवार गगन थापा हैं, जो नेपाल की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक नेपाली कांग्रेस के युवा नेता हैं। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी इस चुनाव में अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

इसके साथ ही तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके पुष्प कमल दहल भी चुनावी मैदान में हैं।

प्रमुख मुद्दे क्या हैं

विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में भ्रष्टाचार, रोजगार सृजन, गरीबी और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी सबसे बड़े मुद्दे हैं। इसके अलावा पड़ोसी देशों भारत और चीन के साथ नेपाल के संबंध भी चुनावी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।

विश्व बैंक के अनुसार नेपाल के कुल अंतरराष्ट्रीय व्यापार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है, जबकि चीन का हिस्सा लगभग 14 प्रतिशत है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए नेपाल सेना ने तीन चरणों की सुरक्षा योजना लागू की है। इसमें मतदान से पहले, मतदान के दौरान और मतदान के बाद सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

करीब 3 लाख 30 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें लगभग 80 हजार सैनिक नेपाल सेना के हैं। मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और कई स्थानों पर हवाई निगरानी भी की जा रही है।

सीमा पर सख्ती और शराब पर रोक

चुनाव के मद्देनजर नेपाल सरकार ने 4, 5 और 6 मार्च को तीन दिन की छुट्टी घोषित की है। साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। 2 मार्च की आधी रात से 5 मार्च की आधी रात तक सीमा पार आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

इसके अलावा चुनाव से सात दिन पहले पूरे देश में शराब की बिक्री और सेवन पर भी रोक लगा दी गई है, जो अंतिम परिणाम घोषित होने तक जारी रहेगी।

नेपाल में यह चुनाव देश की राजनीतिक स्थिरता और भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

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