ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी: प्रदर्शनकारियों पर ज़ुल्म किया तो भुगतने होंगे भयानक परिणाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (8 जनवरी) को ईरानी शासन को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और उन पर हो रही कथित सख्ती के बीच ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार करते हैं या उनकी हत्या जैसे कदम उठाते हैं, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।
रेडियो होस्ट ह्यू हेविट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा,
“मैंने उन्हें साफ तौर पर बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि वे अक्सर दंगों के दौरान करते हैं, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अगर ऐसा हुआ तो हम उन्हें कड़ी सजा देंगे।”
बढ़ती अशांति के बीच आई चेतावनी
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है, जब ईरान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे ईरान सरकार द्वारा हालात संभालने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और गहरी हो गई है।
जब इंटरव्यू के दौरान ह्यू हेविट ने प्रदर्शन के दौरान दर्जनों मौतों का जिक्र किया, तो ट्रंप ने कहा कि कुछ मौतें भगदड़ की वजह से भी हुई हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान को सख्त शब्दों में चेतावनी दे दी गई है।
ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता कि हर मौत के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए, लेकिन उन्हें बता दिया गया है कि अगर उन्होंने लोगों के खिलाफ हिंसा की तो उन्हें भयानक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”
ईरान को बताया ‘महान देश’
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के लिए अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि ईरानी लोगों को आज़ादी में विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा,
“आप बहादुर लोग हैं। आपके देश के साथ जो हुआ है, वह शर्मनाक है। ईरान कभी एक महान देश था।”
ट्रंप के इस बयान को ईरानी जनता के प्रति सहानुभूति और समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
रेजा पहलवी से मुलाकात पर क्या बोले ट्रंप
ईरान के पूर्व शाह के बेटे और निर्वासित नेता रेजा पहलवी से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि फिलहाल उनका उनसे मिलने का कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने कहा, “मैं उनसे मिला हूं, वे एक अच्छे इंसान लगते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अभी उनसे मिलना सही होगा। हमें सभी को मौका देना चाहिए और देखना चाहिए कि आगे कौन उभरकर आता है।”
अंतरराष्ट्रीय नजरें ईरान पर
ट्रंप के इस सख्त रुख के बाद ईरान में चल रहे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें और तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि ईरानी शासन विरोध प्रदर्शनों से कैसे निपटता है और अमेरिका अपने इस चेतावनी भरे रुख को आगे कैसे बढ़ाता है।
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