कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत, दिल्ली सरकार ने की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में शनिवार (27 जुलाई) को पानी भर जाने से तीन छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे को लेकर दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मृतकों की पहचान तानिया सोनी (25), श्रेया यादव (25), और नेविन डालविन (28) के रूप में हुई है। ये छात्र अपने प्रीलिम्स की परीक्षा पास कर चुके थे और मेंस की तैयारी कर रहे थे।
हादसे पर स्वाति मालीवाल का आरोप
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस हादसे के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “राजधानी में तीन छात्रों की बेसमेंट डूबने से हुई मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्टूडेंट्स दस दिन से बार-बार ड्रेन साफ करने की डिमांड कर रहे थे, पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अवैध बेसमेंट और एक्स्ट्रा फ्लोर भ्रष्टाचार के बिना नहीं बन सकते और सेफ्टी रूल्स की अनदेखी हो रही है।
बीजेपी का निशाना
बीजेपी के अमित मालवीय ने इस घटना को शासन की भारी विफलता करार देते हुए कहा कि अगर एमसीडी ने नालों की सफाई की होती तो इन दुर्भाग्यपूर्ण मौतों को टाला जा सकता था। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप नेताओं पर आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज करने की मांग की।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “वहां जो हुआ है वह कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है। बेसमेंट में लाइब्रेरी कैसे चल रही थी? पहले जो जांच बिठाई गई थी उसका क्या हुआ? ये छात्र देश का भविष्य हैं।”
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
हादसे के बाद कोचिंग संस्थान के छात्र दिल्ली सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों से एडिशनल डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा, “तीन लोगों की मौत हुई है। हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे? हम आपको आश्वासन देते हैं कि कानूनी तौर पर जो भी संभव होगा हम करेंगे। जांच जारी है।”
मृतकों की पहचान
मृतकों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। मृत छात्रों की उम्र 25 से 28 साल के बीच थी। इस दर्दनाक हादसे ने दिल्ली के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्कर्ष
इस हादसे ने न केवल छात्रों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि दिल्ली की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली सरकार द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं और उम्मीद है कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
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