दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, चार संदिग्धों से पूछताछ तेज

दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर) को हुए ब्लास्ट ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धमाके के बाद से दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, एनएसजी और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस में तलाशी अभियान
ब्लास्ट की सूचना मिलते ही पुलिस ने पहाड़गंज, दरियागंज, कनॉट प्लेस और आस-पास के इलाकों में सघन जांच की।
- लगभग सभी होटलों और गेस्ट हाउस के रजिस्टर खंगाले गए
- पिछले 48 घंटों में ठहरे मेहमानों की लिस्ट की जांच की गई
- कई जगहों से CCTV फुटेज कब्जे में लेकर विश्लेषण शुरू हो चुका है
जांच के दौरान चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। फिलहाल पुलिस ने उनकी पहचान को सार्वजनिक नहीं किया है।
i-20 कार पुलवामा निवासी तारिक के नाम पर
धमाके में इस्तेमाल हुई i-20 कार की जानकारी जांच का सबसे अहम सूत्र बन गई है। कार पहले पुलवामा के तारिक नामक शख्स को बेची गई थी।
कार की चाबी पर लगी की-रिंग से पुलिस को फरीदाबाद की एक पुरानी कार बेचने वाली कंपनी का सुराग मिला है।
फरीदाबाद सेक्टर-37 की कंपनी पर छापेमारी
ABP के आर्टिकल के मुताबिक:
- यह पुरानी कारों की खरीद-बिक्री करने वाली कंपनी फरीदाबाद सेक्टर-37 में स्थित है।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनआईए और स्थानीय पुलिस मिलकर कंपनी के डॉक्यूमेंट्स, सेल रिकॉर्ड और स्टाफ से पूछताछ कर रही हैं।
UAPA के तहत केस दर्ज
दिल्ली पुलिस ने घटना से जुड़े मामले में UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है:
- कार की सर्विस हिस्ट्री और ओनरशिप चेन
- तारिक और उसके साथी उमर की दिल्ली में एंट्री और मूवमेंट
- धमाके वाले दिन दोनों की लोकेशन और मोबाइल रिकॉर्ड
निष्कर्ष
यह ब्लास्ट न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है, बल्कि दिल्ली जैसे बड़े महानगर में मौजूद संभावित आतंक नेटवर्क की ओर भी संकेत करता है। जांच टीमें फिलहाल सुरागों को जोड़ने में लगी हैं। आने वाले कुछ दिन इस केस के लिए निर्णायक होंगे।
जांच जारी है।
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