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अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई जुलाई 2019 के बाद सबसे कमखाद्य कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत

नई दिल्ली: भारत में खुदरा महंगाई दर (CPI) अप्रैल 2025 में घटकर 3.16 प्रतिशत पर आ गई, जो जुलाई 2019 के बाद सबसे कम है। यह जानकारी मंगलवार को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Program Implementation) द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई। मार्च 2025 में यह दर 3.34 प्रतिशत थी, यानी इसमें 0.18 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मध्यम अवधि लक्ष्य 4 प्रतिशत से कम महंगाई दर लगातार तीसरे महीने बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

खाद्य महंगाई में बड़ी गिरावट
अप्रैल 2025 में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) घटकर 1.78 प्रतिशत पर आ गया, जो मार्च में 2.69 प्रतिशत था। यह अक्टूबर 2021 के बाद सबसे कम खाद्य महंगाई है। इस गिरावट का मुख्य कारण सब्जियों, दालों, फलों, मांस-मछली, अनाज और पर्सनल केयर उत्पादों की कीमतों में कमी है। देश में गर्मी के बावजूद अच्छी फसल उत्पादन ने खाद्य आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा।

ग्रामीण और शहरी महंगाई में अंतर
ग्रामीण भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल में घटकर 2.92 प्रतिशत रह गई, जबकि मार्च में यह 3.25 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में भी गिरावट देखी गई, जहां महंगाई दर 3.43 प्रतिशत से घटकर 3.36 प्रतिशत रही। ग्रामीण खाद्य महंगाई 1.85 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 1.64 प्रतिशत रही।

अन्य प्रमुख श्रेणियों की महंगाई दर
1.आवास (शहरी):
3.03% से घटकर 3.00%

2.शिक्षा: 3.98% से बढ़कर 4.13%

3.स्वास्थ्य: 4.26% से हल्की गिरावट के साथ 4.25%

4.परिवहन और संचार: 3.36% से बढ़कर 3.73%

5.ईंधन और रोशनी: 1.42% से बढ़कर 2.92%

राज्यवार महंगाई दर
केरल ने अप्रैल 2025 में सबसे अधिक 5.94 प्रतिशत की वार्षिक महंगाई दर दर्ज की। इसके बाद कर्नाटक (4.26%), जम्मू-कश्मीर (4.25%), पंजाब (4.09%) और तमिलनाडु (3.41%) रहे। तेलंगाना में सबसे कम 1.26 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई।

RBI की FY26 मुद्रास्फीति पूर्वानुमान और नीतिगत रुख
भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2025 की मौद्रिक नीति बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए CPI आधारित मुद्रास्फीति का अनुमान 4 प्रतिशत रखा है, बशर्ते मानसून सामान्य रहे। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए अनुमान 4.5% से घटाकर 3.6% कर दिया गया है।

RBI का FY26 के लिए तिमाही CPI पूर्वानुमान:

Q1: 3.6%

Q2: 3.9%

Q3: 3.8%

Q4: 4.4%

मार्च में किए गए रॉयटर्स पोल के अनुसार भी औसत महंगाई दर साल भर करीब 4% के आसपास रहने की उम्मीद है।

रेपो रेट में कटौती
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती कर इसे 6 प्रतिशत कर दिया है और अपनी नीति रुख को ‘उदारवादी’ (Accommodative) घोषित किया है। इससे आगे और कटौतियों की संभावना भी बनी हुई है। अगली MPC बैठक 4-6 जून को आयोजित होगी।

आगामी CPI और WPI आंकड़े
अप्रैल 2025 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई के आंकड़े 14 मई को जारी किए जाएंगे, जबकि मई 2025 का CPI डेटा 12 जून 2025 को प्रकाशित किया जाएगा।

निष्कर्ष: अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई दर में आई कमी आम जनता और नीति निर्धारकों दोनों के लिए राहत की खबर है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई गिरावट ने महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद की है। RBI की अगली नीतिगत घोषणाएं इस रुझान को देखते हुए और नरम हो सकती हैं।

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