राहुल गांधी का पुंछ दौरा: गोलाबारी से प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, कहा- “जल्द ही हालात सामान्य होंगे”

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले पहुंचे, जहां उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से की गई सीजफायर उल्लंघन और गोलाबारी में मारे गए स्कूली बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरे में राहुल गांधी ने आम नागरिकों से बातचीत कर उनका हाल जाना और भरोसा दिलाया कि हालात जल्द ही सामान्य होंगे।
प्रभावित स्कूल का दौरा और बच्चों से बातचीत
राहुल गांधी ने पुंछ के उस स्कूल का दौरा भी किया, जो हाल ही में पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी का शिकार बना था। वहां उन्होंने प्रभावित छात्रों से संवाद करते हुए कहा,
“आपने खतरे और भयावह स्थिति को देखा है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। सबकुछ धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा। इस मुश्किल से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप पढ़ाई और खेल में मन लगाएं और ज्यादा से ज्यादा दोस्त बनाएं।”
परिवारों से भावुक मुलाकात
गोलाबारी में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मिलते हुए राहुल गांधी भावुक नजर आए। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया,
“सबसे अधिक नुकसान पुंछ में हुआ है। राहुल गांधी विशेष रूप से यहां इसलिए आए हैं ताकि वो ज़मीनी सच्चाई जान सकें और जिन संस्थानों या परिवारों को नुकसान हुआ है, उनसे सीधे संवाद कर सकें।”
प्रशासन से भी करेंगे मुलाकात
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी राज्यपाल (LG) और मुख्यमंत्री (CM) से भी मुलाकात करने वाले हैं। माना जा रहा है कि वह सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों पर चर्चा करेंगे, साथ ही पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर भी सुझाव देंगे।
पाकिस्तानी सेना द्वारा सीजफायर उल्लंघन
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए पुंछ में स्कूल, घर और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया। इस हमले में अब तक
- 28 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है,
- जिनमें सुरक्षाबलों के जवान और निर्दोष नागरिक शामिल हैं।
- अकेले पुंछ में 7 से 10 मई के बीच 13 मौतें हुईं और
- 70 से अधिक लोग घायल हुए।
इस संकट के कारण हजारों नागरिकों को नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के नजदीकी इलाकों से पलायन करना पड़ा है। ये लोग सरकारी राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
राजनीतिक संदेश और मानवीय पहल
राहुल गांधी का यह दौरा न केवल एक राजनीतिक संदेश है, बल्कि यह एक मानवीय पहल भी है, जिसमें उन्होंने पीड़ितों के दुख को साझा किया और उन्हें उम्मीद दी। यह कदम कांग्रेस द्वारा सहायता और एकजुटता दिखाने का प्रयास है, खासकर तब जब देश सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव झेल रहा है।
यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों की स्थिरता को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। राहुल गांधी की मौजूदगी ने न केवल स्थानीय लोगों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में भी ला दिया है।
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