पाकिस्तान की तारीफ, मंदिरों की चिंता और जासूसी के आरोप: ज्योति मल्होत्रा की डायरी से चौंकाने वाले खुलासे

हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद जासूसी के इस सनसनीखेज मामले में रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार की गई ज्योति की पर्सनल डायरी अब जांच एजेंसियों के हाथ लगी है, जिसमें उसने पाकिस्तान में बिताए अपने समय का ब्योरा बेहद भावनात्मक अंदाज़ में लिखा है।
डायरी में भारत-पाक रिश्तों पर भावनात्मक टिप्पणी
डायरी में कुल 10 से 11 पन्ने हैं, जिनमें से आठ पन्ने अंग्रेज़ी में सामान्य यात्रा नोट्स से जुड़े हैं, जबकि तीन पन्ने हिंदी में हैं, जिनमें उसने पाकिस्तान यात्रा का विवरण दिया है।
एक हिंदी एंट्री में वह लिखती है:
“पाकिस्तान की 10 दिन की यात्रा पूरी करके आज अपने देश भारत लौट रही हूं। सरहदों की दूरियां कितने समय तक रहेंगी, ये हम नहीं जानते, लेकिन दिलों के गिले मिट जाएं — यही कामना है। हम सब एक ही ज़मीन, एक ही मिट्टी से हैं।”
ज्योति ने पाकिस्तान में मिले अतिथि-सत्कार की तारीफ की और यह भी इच्छा जताई कि अधिक हिंदू अपने पूर्वजों की स्थलों को देखने पाकिस्तान जा सकें।
मंदिरों की सुरक्षा की भी रखी थी मांग
NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति ने पाकिस्तानी अधिकारियों से मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 1947 में बिछड़े परिवारों को मिलने की अनुमति देने की भी अपील की थी।
अपनी यात्रा को उसने “क्रेज़ी और रंगीन” करार दिया, और लिखा कि यह अनुभव शब्दों से परे है।
गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर हलचल
33 वर्षीय ज्योति इस समय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की कस्टडी में है। गिरफ्तारी के बाद उसकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल, जिस पर 1.33 लाख फॉलोअर्स थे, सोमवार को ब्लॉक कर दी गई।
हालांकि, गिरफ्तारी के अगले ही दिन उसके फॉलोअर्स की संख्या में अचानक उछाल देखा गया और गूगल पर एक दिन में एक लाख से ज्यादा बार उसे सर्च किया गया।
उसका यूट्यूब चैनल “Travel with Jo”, जिस पर 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं, पहले ही उसकी कई स्पॉन्सर्ड पाकिस्तान यात्राओं को लेकर चर्चा में रहा है। वह हाल ही में पाकिस्तान यात्रा करके लौटी थी, उसी के बाद पहलगाम आतंकी हमले की खबरें सामने आईं।
पाकिस्तान से कैसे जुड़ी थी ज्योति मल्होत्रा
पुलिस ने रविवार को बताया कि ज्योति को “एक एसेट के रूप में विकसित किया गया था”। भले ही उसे संवेदनशील रक्षा जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन भारत-पाक चार दिवसीय संघर्ष के दौरान वह लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थी।
जांच में सामने आया है कि वह 2023 में पहली पाकिस्तान यात्रा के बाद से ही कई पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में थी।
उसका मुख्य संपर्क ईहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश बताया जा रहा है।
एक अन्य पाकिस्तानी एजेंट शाकिर का नंबर उसने “जट रंधावा” के नाम से सेव कर रखा था ताकि शक न हो।
अली अहवान नामक व्यक्ति ने उसकी पाकिस्तान यात्रा के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली थी और वह वहां कई पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों से भी मिली थी।
निष्कर्ष:
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी एक तरफ जहां भारत में साइबर-जासूसी और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रोपेगेंडा के खतरों की ओर इशारा करती है, वहीं उसकी डायरी भारत और पाकिस्तान के बीच जटिल भावनाओं और सांस्कृतिक रिश्तों की भी झलक देती है। अब देखना यह होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में और क्या-क्या खुलासे करती हैं।
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