WhatsApp पर शादी का कार्ड भेजकर हैक किए सौ से ज्यादा फोन — बिजनौर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला

तकनीक के इस दौर में जहां इंटरनेट ने जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने अपनी चालें और भी खतरनाक बना ली हैं। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां ठगों ने WhatsApp पर शादी का कार्ड भेजकर सौ से अधिक लोगों के फोन हैक कर लिए।
शादी के कार्ड के बहाने साइबर जाल
बिजनौर में कई लोगों को हाल ही में WhatsApp पर एक शादी का कार्ड मिला। कार्ड सामान्य लग रहा था — जैसे किसी परिचित की शादी का निमंत्रण। लोगों ने बिना शक किए कार्ड को खोला, लेकिन जैसे ही उन्होंने फोटो पर क्लिक किया, उनके फोन में अपने आप एक APK फाइल इंस्टॉल हो गई।
इसके बाद कई लोगों के फोन में अजीब हरकतें शुरू हो गईं —
फोन खुद-ब-खुद मैसेज भेजने लगे और वही शादी का कार्ड दूसरे WhatsApp ग्रुप्स और कॉन्टैक्ट्स को फॉरवर्ड होने लगा।
हालांकि किसी को सीधा आर्थिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह मामला साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा अलार्म बन गया है, खासकर जब शादी का सीजन शुरू होने वाला है।
क्या है APK फाइल और कैसे बनती है खतरनाक
APK (Android Package Kit) एंड्रॉइड ऐप्स को इंस्टॉल करने की फाइल होती है। जब हम Google Play Store से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो वही फाइल इंस्टॉल होती है।
मगर साइबर ठग इसी तकनीक का दुरुपयोग करते हैं।
वे किसी फोटो या लिंक में एक हानिकारक APK फाइल छिपा देते हैं।
जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन “Unknown Sources” के जरिये उस ऐप को साइडलोड कर लेता है — और ठग को आपके फोन तक पूरा एक्सेस मिल जाता है।
इससे ठग —
- आपके संपर्क, फोटो, बैंकिंग ऐप्स और
- पासवर्ड जैसी निजी जानकारी चुरा सकते हैं।
कुछ मामलों में वे फोन को रिमोट से कंट्रोल भी कर लेते हैं।
कैसे फैलाया जाता है यह साइबर जाल
ठग बहुत चालाकी से यह धोखाधड़ी फैलाते हैं। वे किसी WhatsApp ग्रुप या चैट में शादी का कार्ड भेजते हैं जिसमें लिखा होता है —
“हमारी शादी में जरूर आइए” या “कृपया कार्ड देखें”
कई बार यह संदेश किसी जान-पहचान वाले नंबर से आता है, क्योंकि ठग पहले उसका फोन हैक कर लेते हैं।
इस तरह सोशल इंजीनियरिंग के जरिये वे लोगों की भावनाओं और भरोसे का फायदा उठाते हैं।
कैसे रखें खुद को सुरक्षित
- किसी अनजान नंबर से आए फोटो, लिंक या वीडियो को न खोलें।
- फोन की सेटिंग्स में जाकर “Unknown Sources” से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति बंद करें।
- भरोसेमंद एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें और समय-समय पर फोन स्कैन करें।
- अगर फोन खुद-ब-खुद मैसेज भेजे या अजीब व्यवहार करे,
- तुरंत इंटरनेट बंद करें
- और शिकायत दर्ज करें — cybercrime.gov.in
क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी और शादी के सीजन में इस तरह के फ्रॉड तेजी से बढ़ते हैं।
लोग इस समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं और कई अनजान नंबरों से मैसेज प्राप्त करते हैं — जिसका फायदा ठग उठा लेते हैं।
अब साइबर अपराधी सिर्फ OTP या बैंक फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं —
वे अब शादी, त्योहार, ऑफर और गिफ्ट के नाम पर भरोसे का शिकार बना रहे हैं।
निष्कर्ष
बिजनौर का यह मामला एक चेतावनी है कि डिजिटल युग में सावधानी ही सुरक्षा है।
WhatsApp जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर भी ठगी संभव है, इसलिए किसी भी लिंक, फोटो या कार्ड को खोलने से पहले दो बार सोचें — क्योंकि अगला क्लिक आपको सीधे साइबर ठगी के जाल में फंसा सकता है।
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