मंत्री विजय शाह के विवादित बयान से मचा सियासी भूचाल, कर्नल सोफिया को लेकर की आपत्तिजनक टिप्पणी

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में हैं। भारतीय सेना की बहादुर अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर उनके द्वारा दिया गया आपत्तिजनक बयान अब भारी राजनीतिक बवाल का कारण बन गया है। जनसभा के दौरान बोले गए उनके शब्दों ने सिर्फ सोशल मीडिया पर नाराजगी को जन्म नहीं दिया, बल्कि विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार पर तीखा हमला बोल दिया है।
क्या कहा था मंत्री विजय शाह ने?
13 मई को महू में एक जनसभा के दौरान विजय शाह ने कहा,
“जिन लोगों ने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े थे, हमने उन्हीं कटे-फटे लोगों को उनकी एक बहन को भेजकर ऐसी तैसी करवा दी। उन्होंने हमारे हिंदुओं को कपड़े उतार-उतार कर मारा और मोदी जी ने उनकी बहन (कर्नल सोफिया कुरैशी) को उनके घर भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, अब तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी।”
उनका यह बयान न केवल सेना की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि कर्नल सोफिया कुरैशी जैसी बहादुर अफसर को सांप्रदायिक संदर्भ में प्रस्तुत करता है।
सियासी हड़कंप और पार्टी की नाराजगी
बयान के बाद सियासी बवाल खड़ा हो गया। आम जनता, सैन्य पृष्ठभूमि के परिवारों और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके बाद विजय शाह को भोपाल तलब किया गया, जहां बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने बंद कमरे में उनसे मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने इस बयान को लेकर नाखुशी जताई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी फटकार लगाई।
सार्वजनिक माफी में कहा – ‘कर्नल सोफिया मेरी बहन जैसी’
विवाद बढ़ता देख विजय शाह ने सफाई दी और कहा,
“अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है, विशेष रूप से कर्नल सोफिया को, तो मैं 10 बार माफी मांगता हूं। वह मेरी बहन जैसी हैं। मेरा परिवार भी सेना से जुड़ा रहा है और देश के लिए बलिदान दिया है।”
कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
कांग्रेस ने इस बयान को शर्मनाक बताते हुए भाजपा सरकार को घेरा।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा,
“अगर सरकार मंत्री के बयान से सहमत नहीं है, तो उन्हें तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए। मैं इस संबंध में पीएम मोदी, जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री को पत्र लिखूंगा।”
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा,
“सेना का कोई धर्म नहीं होता, सेना का एकमात्र धर्म देश होता है। विजय शाह का बयान सेना के सम्मान और एकता के खिलाफ है।”
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारत की तरफ से टुकड़ी का नेतृत्व किया। वह आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय रही हैं और अपनी बहादुरी के लिए कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी पा चुकी हैं।
निष्कर्ष:
मंत्री विजय शाह के बयान ने न केवल राजनीति में विवाद पैदा किया है, बल्कि सेना जैसे सम्मानित संस्थान और बहादुर महिला अफसरों की गरिमा को भी आहत किया है। भले ही माफी मांग ली गई हो, पर सवाल यही है कि क्या माफी ऐसे बयान की भरपाई कर सकती है?
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