मिडिल ईस्ट तनाव का असर: भारत में कमर्शियल LPG की कमी, मुंबई-बेंगलुरु में रेस्टोरेंट बंद होने की चेतावनी

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसका प्रभाव भारत में भी महसूस किया जा रहा है, जहां कई बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कमी सामने आने लगी है।
मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले कारोबारियों को अब गैस की सप्लाई में रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गुजरात के मोरबी में टाइल और सिरेमिक उद्योग से जुड़े कारोबार भी इस कमी से प्रभावित होने लगे हैं।
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत
सरकार ने तेल कंपनियों और फ्यूल रिटेलर्स को निर्देश दिया है कि सीमित सप्लाई के बीच सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर पहुंचाए जाएं। इसके चलते 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई घटा दी गई है, जो मुख्य रूप से होटल और रेस्टोरेंट में उपयोग किए जाते हैं।
इस फैसले के बाद बड़े शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ गई है। अचानक आई इस कमी ने पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है।
रेस्टोरेंट बंद होने की चेतावनी
महाराष्ट्र और कर्नाटक में रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि यदि गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा कि गैस की कमी तेजी से बढ़ रही है और यदि स्थिति ऐसी ही रही तो मुंबई के रेस्टोरेंट अगले दो दिनों में बंद करने पड़ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है और महाराष्ट्र के सिविल सप्लाई मंत्री छगन भुजबल से भी संपर्क किया गया है। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि रविवार से कमर्शियल LPG की सप्लाई लगभग बंद हो गई है।
घरेलू गैस को दी जा रही प्राथमिकता
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत मिडिल ईस्ट से आयात करता है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले जहाजों की संख्या कम हो गई है, जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है।
इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। कारण यह है कि होटल और रेस्टोरेंट के पास इलेक्ट्रिक ओवन, पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) और इंडक्शन जैसे विकल्प उपलब्ध होते हैं, जबकि घरों में अधिकतर लोग 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं।
इसी वजह से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों को घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
जमाखोरी रोकने के लिए बढ़ाया गया वेटिंग पीरियड
अधिकारियों के अनुसार गैस की जमाखोरी रोकने के लिए LPG सिलेंडर की डिलीवरी का वेटिंग पीरियड भी बढ़ा दिया गया है। पहले जहां डिलीवरी के लिए लगभग 15 दिन का इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
नए सप्लायर्स की तलाश में भारत
सप्लाई की समस्या को देखते हुए भारत नए अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स की तलाश भी कर रहा है। इसके तहत अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से LPG आयात की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
साथ ही तेल कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और मांग के अनुसार अपने प्रोडक्ट मिक्स को समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो इसका असर न केवल ऊर्जा बाजार बल्कि होटल उद्योग और अन्य गैस आधारित उद्योगों पर भी लंबे समय तक पड़ सकता है।
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