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मेहुल चोकसी की बढ़ी मुश्किलें: सेबी ने भेजा 2.1 करोड़ रुपये का नोटिस, संपत्ति कुर्की की चेतावनी

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उन्हें 2.1 करोड़ रुपये का भुगतान करने का नोटिस भेजा है। यह कार्रवाई गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के शेयरों में भेदिया कारोबार (Insider Trading) नियमों के उल्लंघन के मामले में की गई है।

15 दिन में भुगतान नहीं किया तो होगी कुर्की
सेबी ने 15 मई को जारी नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि चोकसी 15 दिन के भीतर राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्तियां और बैंक खाते कुर्क किए जा सकते हैं। इसके अलावा उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

इस 2.1 करोड़ रुपये में 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना और 60 लाख रुपये का ब्याज शामिल है। यह कार्रवाई जनवरी 2022 में दिए गए सेबी के उस आदेश के बाद की गई है जिसमें चोकसी पर जुर्माना लगाया गया था और उन्हें एक वर्ष के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित किया गया था।

PNB घोटाले का मुख्य आरोपी
मेहुल चोकसी गीतांजलि जेम्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर होने के साथ-साथ प्रवर्तक समूह का हिस्सा भी रहे हैं। वह भगोड़े व्यापारी नीरव मोदी के मामा हैं। दोनों पर 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है, जो कि सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक के साथ किया गया था।

यह पीएनबी घोटाला वर्ष 2018 की शुरुआत में उजागर हुआ था, जिसके बाद चोकसी और नीरव मोदी दोनों ही देश छोड़कर फरार हो गए थे। चोकसी ने पहले एंटीगुआ में शरण ली थी, जबकि नीरव मोदी को मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जेल में बंद है।

बेल्जियम में हुई गिरफ्तारी
पिछले महीने, भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि वह इलाज के बहाने एंटीगुआ से बेल्जियम गया था, जहां से अब उसकी भारत वापसी की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।

भेदिया कारोबार का आरोप
सेबी ने अपनी जांच में पाया कि मेहुल चोकसी ने दिसंबर 2017 में गीतांजलि जेम्स से संबंधित संवेदनशील जानकारी (UPSI) राकेश गिरधरलाल गजेरा को दी थी, जिसने कंपनी में अपनी 5.75 प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में बेच दी थी। यह बिक्री उस समय की गई जब यह आशंका थी कि गीतांजलि समूह द्वारा फर्जी गारंटी पत्र (LOUs) जारी करने की जानकारी सामने आ सकती है।

सेबी ने यह भी पाया कि गीतांजलि समूह की कुछ इकाइयों ने बैंकों से धोखाधड़ी वाले गारंटी पत्र हासिल किए थे, जिनका उपयोग विदेश में भुगतान करने के लिए किया गया।

निष्कर्ष
मेहुल चोकसी की मुश्किलें अब केवल आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहीं। यदि वह 15 दिन में सेबी के आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो संपत्ति जब्ती, बैंक खाता फ्रीज और गिरफ्तारी की कार्रवाई तय है। यह मामला भारत में आर्थिक अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की एक अहम मिसाल बनता जा रहा है।

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