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इंटेल की छंटनी: 17,500 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट

दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी इंटेल ने अपने हजारों कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। गुरुवार को कंपनी ने घोषणा की कि वह अपने कुल कर्मचारियों के 15 प्रतिशत को नौकरी से निकालने वाली है। इस छंटनी का असर लगभग 17,500 कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।

मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में घाटा

इंटेल को उसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में भारी घाटा हो रहा है। कंपनी इस नुकसान से उबरने के लिए कई उपाय कर रही है, जिनमें छंटनी भी शामिल है। इंटेल के मुताबिक, इस साल के अंत तक छंटनी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वर्तमान में इंटेल के कुल कर्मचारियों की संख्या 1,16,500 है, जिसमें सब्सिडियरी कंपनियों के कर्मचारी भी शामिल हैं।

कमाई में कमी और लाभांश का बंद होना

इंटेल ने चौथी तिमाही से लाभांश बंद करने का भी ऐलान किया है। कंपनी को तीसरी तिमाही में कमाई बाजार के अनुमानों से कम रहने की आशंका है। इस समय दुनिया भर में पारंपरिक डेटा सेंटर सेमीकंडक्टर पर खर्च कम हो रहा है, जबकि एआई सेमीकंडक्टर पर फोकस बढ़ गया है। इंटेल, जो पारंपरिक सेमीकंडक्टर के मामले में सबसे बड़ी कंपनी थी, अब एआई सेमीकंडक्टर में अपनी प्रतिस्पर्धियों से काफी पीछे है।

प्रतिस्पर्धियों की तेज तरक्की

इंटेल की स्थिति ऐसे समय में खराब हुई है, जब एनविडिया और एएमडी जैसी प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर कंपनियां तेज तरक्की कर रही हैं। एनविडिया ने खास तौर पर एआई की सवारी कर शानदार तरक्की की है। अब एनविडिया की गिनती दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गजों के साथ होने लगी है। वहीं, पारंपरिक सेमीकंडक्टर पर अटकी रही इंटेल को अब चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

संक्षेप में

इंटेल की छंटनी योजना के तहत, कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या में 15 प्रतिशत की कटौती करेगी, जिससे करीब 17,500 लोगों की नौकरी पर संकट आ गया है। मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में घाटा और एआई सेमीकंडक्टर में प्रतिस्पर्धियों से पीछे रहने के कारण कंपनी को यह कठोर कदम उठाना पड़ा है। कंपनी ने चौथी तिमाही से लाभांश बंद करने का भी निर्णय लिया है। इस प्रकार, इंटेल की स्थिति को सुधारने के लिए कई उपायों के बावजूद, कंपनी को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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