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इंडिगो के को-फाउंडर राकेश गंगवाल बेचने वाले हैं बड़ी हिस्सेदारी, हो सकती है 7,000 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के को-फाउंडर और प्रमोटर राकेश गंगवाल (Rakesh Gangwal) एयरलाइन की पैरेंट कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, गंगवाल 7000 करोड़ रुपये (लगभग 85 करोड़ डॉलर) की ब्लॉक डील के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी को कम करेंगे। इस कदम से इंडिगो में उनकी भागीदारी धीरे-धीरे खत्म हो सकती है, जैसा कि उन्होंने पहले घोषणा की थी।

ब्लॉक डील की तैयारी, 4,593 रुपये प्रति शेयर का सौदा
सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, राकेश गंगवाल 4,593 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहे हैं। इस ब्लॉक डील से गंगवाल को लगभग 85 करोड़ डॉलर मिल सकते हैं। बुधवार को इंडिगो के शेयर 4,859.85 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से बंद हुए थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि गंगवाल की डील मार्केट प्राइस से थोड़ी कम हो सकती है।

इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड से इस्तीफा और हिस्सेदारी कम करने की योजना
राकेश गंगवाल ने फरवरी 2022 में इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा देते हुए कहा था कि वह अगले पांच वर्षों में धीरे-धीरे एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। यह निर्णय उनके और इंडिगो के अन्य प्रमोटर राहुल भाटिया के बीच आपसी मतभेदों के बाद आया था, जिसके बाद उन्होंने कंपनी के दैनिक संचालन से दूरी बना ली थी।

गंगवाल फैमिली की 19 फीसदी हिस्सेदारी
इंडिगो में राकेश गंगवाल की जून 2024 तक 5.89% हिस्सेदारी है। इसके अलावा, उनकी पत्नी शोभा गंगवाल (Shobha Gangwal) और जेपी मॉर्गन ट्रस्ट ऑफ डेलावेयर (JP Morgan Trust of Delaware) के पास भी 13.49% हिस्सेदारी है। इस प्रकार, गंगवाल परिवार की कुल हिस्सेदारी 19.38% बनती है।

इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 63% की वृद्धि
इस साल अब तक इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 63% की बढ़त देखी गई है। कंपनी ने जून 2024 को समाप्त तिमाही में 2,736 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, हालांकि यह पिछले साल की समान अवधि के 3,090.6 करोड़ रुपये के मुनाफे से 11.5% कम है। घरेलू यात्रा में वृद्धि और मजबूत प्रदर्शन के कारण एयरलाइन ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर परिणाम दिए हैं।

स्टॉक का टार्गेट प्राइस बढ़ा
जेफरीज ने इंटरग्लोब एविएशन के स्टॉक को ‘बाय’ में अपग्रेड किया है और इसका टार्गेट प्राइस 5,225 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। यह कंपनी के भविष्य की संभावनाओं और मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। इंडिगो की बाजार में मजबूत स्थिति और घरेलू यात्रा में वृद्धि को देखते हुए यह कंपनी निवेशकों के लिए आकर्षक बनी हुई है।

निष्कर्ष
राकेश गंगवाल द्वारा इंटरग्लोब एविएशन में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला न केवल उनके निजी निवेश के रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है, बल्कि इससे इंडिगो के भविष्य के शेयरधारकों की संरचना पर भी असर पड़ सकता है। इंडिगो की मजबूत वित्तीय स्थिति और बाजार में इसकी पकड़ को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ब्लॉक डील कंपनी के शेयरों और अन्य निवेशकों पर क्या प्रभाव डालती है।

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