HINDI NEWSटॉप न्यूज़

कश्मीर के पहलगाम में भीषण आतंकी हमला: 26 की मौत, 8-10 आतंकियों की संलिप्तता की आशंका, देशभर में शोक और आक्रोश

श्रीनगर (कश्मीर): दक्षिण कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम के पास बाइसारन में मंगलवार को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया है। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। हमले में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में दो विदेशी नागरिक – एक संयुक्त अरब अमीरात और एक नेपाल का नागरिक शामिल है।

हमले में 8-10 आतंकियों के शामिल होने की आशंका
जांच में सामने आया है कि इस हमले को 8 से 10 आतंकियों ने अंजाम दिया, जिसमें से 5 से 7 आतंकी पाकिस्तानी मूल के बताए जा रहे हैं। 2 से 3 स्थानीय सहयोगी, जो पुलिस की वर्दी में थे, ने हमलावरों की मदद की। ये आतंकी स्थानीय भाषा में बात करते हुए इलाके में आसानी से घुलमिल गए ताकि उन पर शक न हो। यही नहीं, पुलिस की वर्दी में मौजूद आतंकियों ने पाकिस्तानी आतंकियों को बाइसारन तक पहुंचाने में मदद की, जहां उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

बाइसारन बना रक्तरंजित मैदान
यह हमला दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जब बाइसारन में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहे जाने वाले इस खूबसूरत स्थान पर पर्यटक घुड़सवारी, पिकनिक और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे। तभी अचानक गोलियों की आवाजें गूंज उठीं। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने नाम पूछकर लोगों को निशाना बनाया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था।

TRF ने ली जिम्मेदारी, पाकिस्तान पर शक की सुई
इस हमले की जिम्मेदारी The Resistance Front (TRF) ने ली है, जो कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मुखौटा संगठन माना जाता है। इस हमले ने कश्मीर में उभरती पर्यटन गतिविधियों पर भी करारा प्रहार किया है। सुरक्षा एजेंसियों का शक सीधे तौर पर पाकिस्तान से संचालित आतंकियों की ओर जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश और शोक
कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से आए पर्यटक इस हमले में शिकार बने। कर्नाटक के व्यापारी मंजूनाथ राव की भी इस आतंकी हमले में जान चली गई। हमले के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने की निंदा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “यह हाल के वर्षों में आम नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला है। हम इससे पीछे नहीं हटेंगे।”

बचाव कार्य में स्थानीय लोगों की मदद
घायलों को घोड़ों की मदद से नीचे लाया गया, क्योंकि बाइसारन तक कोई सड़क मार्ग नहीं है। सरकार ने हेलिकॉप्टर के ज़रिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जबकि मृतकों के परिजनों को सुरक्षा के बीच पहलगाम क्लब में रखा गया है।

सेना, CRPF और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन जारी
हमले के बाद सेना, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और विशाल सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पहलगाम और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

यह हमला न केवल कश्मीर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। शांति, सुरक्षा और न्याय के लिए अब एकजुट होकर निर्णायक कदम उठाना वक्त की मांग है।

नवीनतम अपडेट और रोमांचक कहानियों के लिए हमें ट्विटर, गूगल न्यूज और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और फेसबुक पर हमें लाइक करें।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button