लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भयानक हादसा: 18 की मौत, 19 घायल

उन्नाव (उत्तर प्रदेश): लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर आज सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 19 घायल हो गए। यह दुर्घटना उन्नाव जिले के गढ़ा गांव के पास हुई, जब बिहार से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस दूध के टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई।
घटना का विवरण:
बस में ज्यादातर प्रवासी मजदूर सवार थे। जब बस ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी, तब यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद बस पलट गई और कई लोग उसमें फंस गए। घायल व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान:
अधिकारियों ने दो मृतकों की पहचान की है, जिनमें राजनिश कुमार (26) और मोहम्मद शमीम (28) शामिल हैं, दोनों बिहार के निवासी थे। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
राहत एवं बचाव कार्य:
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। उन्नाव प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: (0515-2970767, 9651432703, 9454417447, 8887713617, 8081211289)।
प्रतिक्रिया:
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इंडिया ब्लॉक पार्टीज के सभी कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की। खड़गे ने एक्स पर लिखा, “उन्नाव, यूपी में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई दुखद सड़क दुर्घटना में 18 लोगों की मौत की खबर बहुत ही दुखद है। हम पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। प्रशासन से अनुरोध है कि पीड़ितों की मदद में कोई कमी न छोड़ी जाए।”
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा, “उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई सड़क दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। इसमें जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करे। इसके साथ ही मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।”
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस पहल से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखदाई है। ऐसी आकस्मिक मृत्यु का शिकार हुए लोगों के परिवार के सदस्यों के प्रति मैं गहन शोक संवेदनाएँ व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।”
पिछले हादसे:
इससे पहले अप्रैल में उन्नाव में एक तेज रफ्तार ट्रक और बस की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। यह दुर्घटना सफीपुर के पास जमालदिपुर गांव में हुई थी। वहीं, हरियाणा के पंचकुला जिले के पिंजोर कस्बे के नौलता गांव के पास एक बस के पलटने से 40 लोग घायल हो गए थे, जिनमें कई स्कूली बच्चे भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना का कारण बस चालक की तेज रफ्तार और बस की ओवरलोडिंग थी।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
इस हादसे के बाद सरकार और जनता दोनों के बीच यह चर्चा आवश्यक हो गई है कि सड़क सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। जब तक सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता और कड़े नियम नहीं अपनाए जाते, तब तक इस तरह के दुखद हादसे होते रहेंगे।
उन्नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और इस घटना से हमें सबक लेना होगा ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
नवीनतम अपडेट और रोमांचक कहानियों के लिए हमें ट्विटर, गूगल न्यूज और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और फेसबुक पर हमें लाइक करें।









