HINDI NEWSभारत

“LPG संकट पर हरदीप सिंह पुरी का बड़ा दावा: भारत ने खाड़ी निर्भरता घटाकर नए देशों से बढ़ाया आयात”

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आई रुकावट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात स्रोतों में बड़ा बदलाव किया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में बताया कि भारत अब अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे वैकल्पिक देशों से भी कुकिंग गैस के कार्गो हासिल कर रहा है, जिससे सप्लाई पर दबाव कम किया जा सके।

खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की रणनीति

पुरी ने कहा कि पहले भारत अपनी LPG जरूरतों का करीब 60% हिस्सा कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आयात करता था, जबकि 40% घरेलू उत्पादन से पूरा होता था। मौजूदा संकट के बाद सरकार ने सक्रिय रूप से आयात के स्रोतों में विविधता लाई है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके।

उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के लगभग 20% कच्चा तेल, 20% प्राकृतिक गैस और 20% LPG गुजरती है, वहां सैन्य गतिविधियों के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। यह स्थिति आधुनिक ऊर्जा इतिहास के सबसे गंभीर संकटों में से एक मानी जा रही है।

भारत की कच्चे तेल की सप्लाई सुरक्षित

पेट्रोलियम मंत्री ने संसद को भरोसा दिलाया कि भारत की कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि संकट से पहले जहां लगभग 45% कच्चा तेल होर्मुज मार्ग से आता था, अब गैर-होर्मुज स्रोतों से आयात बढ़कर करीब 70% हो गया है।

भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जबकि वर्ष 2006-07 में यह संख्या 27 थी। इसके चलते रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एटीएफ या फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है।

घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता

सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 9 मार्च को जारी नैचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर के जरिए गैस आवंटन की प्राथमिकता तय की है। इसके अनुसार घरों में पाइप्ड गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की सप्लाई में कोई कटौती नहीं की गई है।

औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को पिछले छह महीनों की औसत खपत का 80% तक गैस मिलेगी, जबकि उर्वरक संयंत्रों को 70% आवंटन सुनिश्चित किया गया है ताकि कृषि क्षेत्र प्रभावित न हो।

LPG उत्पादन में 28% की बढ़ोतरी

सरकार ने 8 मार्च को LPG कंट्रोल ऑर्डर जारी कर सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और पूरा आउटपुट घरेलू कुकिंग गैस के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को देने का निर्देश दिया। इसके चलते पिछले पांच दिनों में LPG उत्पादन में 28% की वृद्धि दर्ज की गई है।

देश में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां करीब 33 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ताओं को सेवा दे रही हैं, जिनके लिए सप्लाई चक्र सामान्य बना हुआ है।

जमाखोरी रोकने के लिए कमर्शियल LPG पर नियंत्रण

पुरी ने कहा कि कमर्शियल LPG पूरी तरह बाजार आधारित और बिना सब्सिडी के बिकता है, इसलिए संकट के समय जमाखोरी और कालाबाजारी का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण सरकार ने इस चैनल को विनियमित करते हुए औसत मासिक मांग का 20% आवंटन सुनिश्चित करने का फैसला लिया है।

इसके लिए इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो राज्यों और रेस्टोरेंट संगठनों के साथ समन्वय कर रही है।

वैकल्पिक ईंधन अपनाने की सलाह

सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर को अस्थायी रूप से केरोसिन, बायोमास, आरडीएफ पेलेट और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की सलाह दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत है और नागरिकों को अफवाहों या घबराहट में आने की जरूरत नहीं है।

नवीनतम अपडेट और रोमांचक कहानियों के लिए हमें ट्विटर, गूगल न्यूज और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और फेसबुक पर हमें लाइक करें।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button