भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद बड़ा दावा, भारत रूस से तेल खरीद करेगा बंद: व्हाइट हाउस

भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया ट्रेड समझौते के बाद अब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी बातचीत के बाद भारत रूस से तेल आयात बंद करने जा रहा है और अमेरिका से ऊर्जा खरीद बढ़ाएगा।
रूस से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता
मंगलवार (3 फरवरी) को व्हाइट हाउस के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए लीविट ने कहा कि नई दिल्ली ने रूस से तेल आयात रोकने और अमेरिका से तेल खरीद बढ़ाने का वादा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीदने का विकल्प भी अपना सकता है। उनके अनुसार, इससे अमेरिकी उद्योग और श्रमिकों को फायदा मिलेगा। वर्तमान में वेनेजुएला के तेल व्यापार को अमेरिका ही नियंत्रित कर रहा है।
ट्रंप-मोदी बातचीत के बाद हुआ समझौता
लीविट ने बताया कि यह समझौता राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई सीधी फोन बातचीत के बाद तय हुआ। उन्होंने कहा कि यह समझौता अमेरिका के आर्थिक हितों को मजबूत करने और भारत की रूसी ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत करेगा 500 अरब डॉलर का निवेश
व्हाइट हाउस के अनुसार, भारत ने अमेरिका में बड़े स्तर पर निवेश करने की भी प्रतिबद्धता जताई है। लीविट ने बताया कि भारत परिवहन, ऊर्जा और कृषि जैसे क्षेत्रों में लगभग 500 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रहा है। इसे अमेरिकी बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ा बढ़ावा माना जा रहा है।
ट्रंप की भूमिका पर जोर
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में लीविट ने इस समझौते को सुनिश्चित करने में राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते में ऊर्जा आयात, निवेश और व्यापार पहुंच से जुड़ी कई अहम प्रतिबद्धताएं शामिल हैं, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
भारत का रुख: किसानों और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा
जहां व्हाइट हाउस इस समझौते को आर्थिक सफलता बता रहा है, वहीं भारत सरकार ने घरेलू हितों की सुरक्षा पर जोर दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते में कृषि और दुग्ध उत्पादन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों और ग्रामीण श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
व्यापार संबंधों में नई दिशा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। हालांकि, ऊर्जा आयात और निवेश को लेकर सामने आए इन दावों पर आने वाले समय में विस्तृत प्रभाव साफ हो पाएगा।
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