इंडिगो संकट के बाद उड़ानों की वापसी, लेकिन यात्रियों की मुश्किलें बरकरार

नई दिल्ली : देशभर के हवाई यात्रियों के लिए शनिवार की सुबह कुछ राहत लेकर आई जब भारी तकनीकी संकट और घंटों की उथल-पुथल के बाद इंडिगो एयरलाइंस ने अधिकांश एयरपोर्ट्स से अपनी सेवाएं दोबारा शुरू कर दीं। हालांकि उड़ानों का संचालन फिर से शुरू होने के बावजूद हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं माने जा रहे हैं।
इंडिगो ने बताया कि ऑपरेशनल सिस्टम को पूरी तरह पटरी पर आने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं और कंपनी को उम्मीद है कि 10 से 15 दिसंबर के बीच उड़ानों का शेड्यूल स्थिर हो पाएगा।
उड़ानें चालू, लेकिन यात्रियों की दिक्कतें खत्म नहीं
उड़ानों की बहाली के बाद भी यात्रियों को अब तक पूरी राहत नहीं मिल सकी है। कई यात्रियों को अभी तक रिफंड नहीं मिला है, जबकि रीबुकिंग प्रक्रिया में लगातार तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इंडिगो का मोबाइल ऐप और वेबसाइट धीमे चल रहे हैं, जिससे टिकट बदलने या यात्रा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में देरी हो रही है। इसके अलावा, उड़ानों के समय में बार-बार बदलाव हो रहा है, जिससे एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
अन्य एयरलाइंस बनीं सहारा, स्पाइसजेट और एयर इंडिया आगे आईं
इंडिगो के तकनीकी संकट के बाद अन्य एयरलाइनों ने यात्रियों को राहत देने के लिए कदम उठाए।
- स्पाइसजेट ने कई नए रूट्स पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ीं।
- एयर इंडिया ने भी भीड़भाड़ वाले मार्गों पर अपनी क्षमता बढ़ाई।
इस पहल से बड़ी संख्या में फंसे यात्रियों को वैकल्पिक टिकट उपलब्ध हो सके और वे अपनी यात्रा पूरी कर पाए।
रेलवे बना सबसे बड़ा सहारा
हवाई यातायात में गड़बड़ी का सीधा असर भारतीय रेलवे पर दिखा। अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने से कई रूट्स पर ट्रेन टिकट मिनटों में फुल हो गए।
स्थिति को संभालने के लिए रेलवे ने—
- कई ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े
- प्रमुख रूट्स पर विशेष ट्रेनें चलाईं
इन प्रयासों से खासतौर पर लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिली और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।
सरकार की 24 घंटे निगरानी
नागर विमानन मंत्रालय ने हालात को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे का कंट्रोल रूम सक्रिय किया है। DGCA लगातार इंडिगो समेत सभी एयरलाइनों से अपडेट ले रहा है।
मंत्रालय ने साफ किया है कि—
- हवाई किरायों में किसी भी मनमानी बढ़ोतरी पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
- यात्रियों को किसी तरह का आर्थिक नुकसान न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- उड़ानों की नियमितता जल्द से जल्द बहाल करने का लक्ष्य तय किया गया है।
यात्रियों के लिए अहम सूचना
आने वाले कुछ दिनों तक यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
- उड़ानों के समय में परिवर्तन संभव है
- कई सेक्टरों में उड़ानें सीमित संख्या में चलेंगी
- रिफंड और रीबुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है
फिलहाल इंडिगो की सेवाएं धीरे-धीरे सुधर रही हैं, लेकिन स्थिति के पूर्ण रूप से सामान्य होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की स्थिति
आज तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर इंडिगो की—
- 22 घरेलू उड़ानें तय थीं (11 आगमन, 11 प्रस्थान)
- साथ ही 4 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (2 आगमन, 2 प्रस्थान)
लेकिन इनमें से—
- 6 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं
(3 आगमन और 3 प्रस्थान)
चेन्नई और चंडीगढ़ में भी दिखा बड़ा असर
चेन्नई एयरपोर्ट:
कुल 48 इंडिगो उड़ानें रद्द
- 28 प्रस्थान
- 20 आगमन चंडीगढ़ एयरपोर्ट:
आज 10 उड़ानें रद्द रहें, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
निष्कर्ष
इंडिगो की सेवाएं बहाल होने से यात्रियों को आंशिक राहत जरूर मिली है, लेकिन तकनीकी संकट का पूरा असर अभी खत्म नहीं हुआ है। रिफंड, रीबुकिंग और शेड्यूल की अनिश्चितता यात्रियों की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।
जब तक दिसंबर के मध्य तक ऑपरेशन पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जाँचने, वक्त से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और वैकल्पिक साधनों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
सरकार, रेलवे और अन्य एयरलाइनों के समन्वय से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे।
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