UAE में फेक वीडियो पर सख्ती: 19 भारतीयों समेत 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप साझा करने के आरोप में 19 भारतीय नागरिकों समेत कुल 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘अमीरात समाचार एजेंसी’ (WAM) के अनुसार, आरोपियों को त्वरित सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।
अलग-अलग समूहों में की गई कार्रवाई
ताजा सूची में विभिन्न देशों के 25 लोग शामिल हैं, जिनमें 17 भारतीय नागरिक हैं। यह समूह उन 10 लोगों से अलग है, जिनकी गिरफ्तारी का आदेश शनिवार को दिया गया था और उनमें दो भारतीय शामिल थे।
UAE के अटॉर्नी जनरल Hamad Saif Al Shamsi ने 15 मार्च को बयान जारी कर कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की सख्त निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि झूठी जानकारी और आर्टिफिशियल कंटेंट फैलाकर सार्वजनिक अस्थिरता पैदा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को रोकना जरूरी है।
आरोप क्या हैं?
जांच और इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग के दौरान पता चला कि आरोपियों को तीन समूहों में बांटा गया था।
- पहला समूह वास्तविक घटनाओं से जुड़े वीडियो क्लिप साझा कर रहा था।
- दूसरा समूह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नकली वीडियो बनाकर या विदेश की घटनाओं का फुटेज देश के अंदर का बताकर पोस्ट कर रहा था।
- तीसरा समूह एक शत्रुतापूर्ण देश और उसके राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उसकी सैन्य कार्रवाईयों का प्रचार कर रहा था।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी निगरानी
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने पहले भी निवासियों को चेतावनी दी थी कि सोशल मीडिया पर फर्जी और अप्रमाणित सामग्री साझा करने से बचें।
UAE प्रशासन का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि देश में कानून-व्यवस्था और स्थिरता बनाए रखी जा सके।
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