मोतिहारी में बड़ा साइबर फ्रॉड गिरोह बेनकाब 29 लाख नकद, हथियार, लग्जरी गाड़ियाँ और करोड़ों के लेन-देन के दस्तावेज बरामद
बिहार के मोतिहारी में साइबर क्राइम के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने पांच शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार, 16 जून 2025 को मोतिहारी पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस गिरोह के खुलासे की जानकारी दी। गिरोह के सदस्य डिजिटल ठगी के जरिए लाखों की उगाही करते थे और उसे क्रिप्टो करेंसी (USDT) में निवेश कर रहे थे।
नगर थाना क्षेत्र में हुई छापेमारी, 29 लाख से ज़्यादा नकद बरामद
पूर्वी चंपारण जिले के नगर थाना क्षेत्र में साइबर सेल ने छापेमारी की, जिसके दौरान गिरोह के ठिकाने से ₹29,29,680 नकद भारतीय मुद्रा, ₹99,500 नेपाली करेंसी, तीन पैसे गिनने की मशीनें, दो देसी रिवॉल्वर, 13 जिंदा कारतूस, 24 मोबाइल फोन, लैपटॉप, और दो लग्जरी गाड़ियाँ बरामद की गईं।
गिरोह की गाड़ियों के नंबर 8055 थे, जिसे ये अपराधी ‘BOSS’ के रूप में अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट पर दर्शाते थे।
जिले के युवाओं को बनाते थे मोहरा
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने जानकारी दी कि गिरोह के सदस्य जिले के बेरोजगार युवाओं को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद वे खातों में फ्रॉड से अर्जित धनराशि मंगवाते और उसे नकद में निकालकर क्रिप्टो करेंसी (USDT) में निवेश करते थे, ताकि ट्रांजेक्शन को ट्रेस न किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी और करोड़ों के ट्रांजेक्शन
साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक अभिनव परासर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित सौरभ, संजीव कुमार, पप्पू कुमार, सुनील कुमार और दीपांशु कुमार के रूप में की गई है। इन पांचों में से एक आरोपी बेतिया का रहने वाला है, जबकि बाकी चार मोतिहारी जिले से हैं।
जांच के दौरान गिरोह द्वारा करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन के दस्तावेज मिले हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट और अन्य तकनीकी हथकंडों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस ने बताया कि गिरोह के पास कई मंजिला बंगले, लग्जरी वाहन और अन्य संपत्तियाँ मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
कई महीने से चल रही थी निगरानी
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि साइबर सेल की टीम को इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी कई महीने पहले मिली थी। इसके बाद टीम ने लगातार तीन दिनों तक जिला के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर गिरोह को पकड़ने में सफलता पाई। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और फंडिंग चैनल की गहराई से जांच कर रही है।
निष्कर्ष: साइबर अपराध पर बड़ा वार, मगर सतर्क रहने की जरूरत
मोतिहारी पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह मामला दर्शाता है कि अब साइबर ठग तकनीकी जानकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर तेज़ी से अमीर बनते जा रहे हैं, और समाज के बेरोजगार युवाओं को भी अपने जाल में फंसा रहे हैं।
यह घटना देशभर में साइबर फ्रॉड के खिलाफ कड़ी निगरानी और जनजागरूकता की जरूरत को रेखांकित करती है। साथ ही, पुलिस और साइबर सेल की सक्रियता ने यह भी दिखा दिया कि यदि ठोस प्रयास किए जाएं, तो ऐसे हाईटेक अपराधों को भी रोका जा सकता है।
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