कैपिटालैंड का बड़ा एलान: भारत में 2028 तक निवेश को दोगुना करेगी सिंगापुर की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंगापुर दौरे के दौरान एक बड़ी घोषणा सामने आई है। सिंगापुर की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी कैपिटालैंड (CapitaLand), जो एशिया की सबसे बड़ी डायवर्सिफायड रियल एस्टेट ग्रुप्स में से एक है, ने भारत में अपने निवेश को 2028 तक दोगुना करने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि वह अगले चार वर्षों में भारत में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे भारत में उसका कुल निवेश 90,280 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
कैपिटालैंड की भारत में विस्तार योजना
कैपिटालैंड इंवेस्टमेंट (CapitaLand Investment) ने घोषणा की कि वह भारत में अपने फंड्स अंडर मैनेजमेंट (Funds Under Management) को भी दोगुना करेगी। 30 जून 2024 तक कंपनी का कुल फंड्स अंडर मैनेजमेंट 7.4 बिलियन डॉलर (458.8 बिलियन रुपये) था, जिसे 2028 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। कैपिटालैंड इंवेस्टमेंट का मानना है कि इस फैसले से कंपनी को 2028 तक अपने 200 बिलियन डॉलर के फंड्स अंडर मैनेजमेंट के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने अपनी 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह महत्वपूर्ण घोषणा की है, जो भारत में उसकी लगातार बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है।
भारत में कैपिटालैंड की बढ़ती मौजूदगी
कैपिटालैंड इंवेस्टमेंट के ग्रुप सीईओ ली ची कून (Lee Chee Koon) ने भारत को एक “स्ट्रैटजिक मार्केट” के रूप में देखा और कहा कि भारत कैपिटालैंड के ओवरऑल बिजनेस में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि भारत कंपनी के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला बाजार है, जहां पिछले सात वर्षों में उनका निवेश तीन गुना हो चुका है। यह दर्शाता है कि भारत में रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर संभावनाएं हैं, खासकर विदेशी निवेशकों के लिए।
भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत भविष्य
कैपिटालैंड इंवेस्टमेंट के ग्रुप सीईओ ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 2024 में भारत की जीडीपी 7% तक रहने का अनुमान है, और अगले पांच वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। यह आर्थिक वृद्धि भारत को विदेशी कंपनियों और संस्थागत निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना रही है, और कैपिटालैंड इंवेस्टमेंट इसे एक अवसर के रूप में देख रहा है।
सिंगापुर-भारत संबंधों में निवेश की बढ़ती भूमिका
भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सिमॉन वॉन्ग ने कैपिटालैंड के इस निवेश की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि सिंगापुर की कंपनियां भारत में अपने निवेश को दोगुना कर रही हैं। यह न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट बाजार में भी एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
भारत में कैपिटालैंड की सकारात्मक दृष्टि
कैपिटालैंड इंवेस्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के आर्थिक विकास को लेकर बेहद सकारात्मक है और यहां अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती है। कंपनी का मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और क्वालिटी रियल एसेट्स विदेशी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
कैपिटालैंड का यह निवेश भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसका प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और देश के आर्थिक विकास को और गति मिलेगी।
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