देहरादून में मिलावटी कुट्टू के आटे से 300 लोग बीमार, सीएम धामी ने दिए जांच के आदेश

देहरादून – उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कथित तौर पर मिलावटी कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने के बाद करीब 300 लोग बीमार हो गए, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना। इस मामले में मुख्य आपूर्तिकर्ता समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मरीजों की हालत स्थिर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती 300 मरीजों में से ज्यादातर को छुट्टी दे दी गई है, जबकि करीब 100 मरीज अभी भी देहरादून के सरकारी कोरोनेशन और राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, उनकी हालत स्थिर है और जल्द ही उन्हें भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
सहारनपुर से हुई थी आपूर्ति
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि जिस कुट्टू के आटे को खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी, वह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आपूर्ति किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 दुकानों को सील कर दिया और वहां के सभी खाद्य पदार्थ जब्त कर लिए।
इस मामले में सहारनपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सूचित किया गया है, और एक जांच टीम सहारनपुर भेजी गई है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
उत्तराखंड के खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने देहरादून और सीमावर्ती इलाकों में छापेमारी कर कुट्टू के आटे के नमूने लिए। उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि मरीजों के परिवारों ने अलग-अलग दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदा था, लेकिन उसका स्रोत एक ही निकला।
इस आधार पर कुट्टू के आटे के मुख्य आपूर्तिकर्ता और दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
किन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा?
- मेसर्स श्री गोविंद सहाय शंकर लाल (सहारनपुर) – कुट्टू के आटे की आपूर्ति करने वाला मुख्य प्रतिष्ठान
- विकास गोयल चक्की (सहारनपुर) – कुट्टू को पीसने वाली चक्की
- लक्ष्मी ट्रेडिंग (विकासनगर, देहरादून) – देहरादून में कुट्टू के आटे का मुख्य वितरक
देहरादून प्रशासन ने लक्ष्मी ट्रेडिंग के गोदाम को भी सील कर दिया है।
मुख्यमंत्री धामी पहुंचे अस्पताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीमार लोगों को समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में बिस्तरों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को पूरे मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा,
“इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को मिलकर जांच करनी होगी। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
सहारनपुर में भी छापेमारी
इस मामले में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में भी छापेमारी की गई।
सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि खाद्य विभाग की टीम ने कुट्टू के आटे के खुदरा और थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर आटे के पैकेट जब्त किए।
उन्होंने कहा,
“सहारनपुर और उत्तराखंड की खाद्य विभाग की टीमें मिलकर छापेमारी कर रही हैं। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में कुट्टू के आटे की दुकानों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं। लिए गए नमूनों को मिलावट की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।”
नवरात्रि में व्रत रखने वालों के लिए चिंता
इस घटना ने नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कुट्टू का आटा व्रत में व्यापक रूप से खाया जाता है, लेकिन इसमें मिलावट की आशंका ने लोगों को सतर्क कर दिया है।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि क्या बाजार में बिक रहे अन्य खाद्य उत्पाद भी सुरक्षित हैं? इस घटना के बाद सरकार और खाद्य विभाग को खाद्य सुरक्षा पर सख्ती बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है।
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